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المؤمنونआयत 6

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِلَّا عَلَىٰٓ أَزْوَٰجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَـٰنُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ ﴿٦﴾

परंतु अपनी पत्नियों या अपने स्वामित्व में आई हुई दासियों को छोड़कर। क्योंकि उनसे संभोग और अन्य चीजों के साथ लाभ उठाने में उनकी निंदा नहीं की जा सकती।