तफ़सीर अल-मुख़्तसर
عَـٰلِمِ ٱلْغَيْبِ وَٱلشَّهَـٰدَةِ فَتَعَـٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ ﴿٩٢﴾
वह हर उस चीज़ को जानने वाला है, जो उसकी मख़लूक़ से अदृश्य है तथा हर उस चीज़ को जानने वाला है, जिसे इंद्रियों द्वारा देखा और जाना जाता है। इनमें से कोई चीज़ उससे छिपी नहीं है। अतः वह महिमावान् इस बात से सर्वोच्च है कि उसका कोई साझी हो।