तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فِى بُيُوتٍ أَذِنَ ٱللَّهُ أَن تُرْفَعَ وَيُذْكَرَ فِيهَا ٱسْمُهُۥ يُسَبِّحُ لَهُۥ فِيهَا بِٱلْغُدُوِّ وَٱلْـَٔاصَالِ ﴿٣٦﴾
यह चिराग़ उन मस्जिदों में जलाया जाता है, जिनके स्थान एवं भवन को अल्लाह ने उच्च रखने का आदेश दिया है। उनमें अज़ान, ज़िक्र और नमाज़ के द्वारा उसका नाम याद किया जाता है। उनके अंदर अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए दिन की शुरुआत और उसके अंत में नमाज़ पढ़ते हैं।