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الفرقانआयत 37

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَقَوْمَ نُوحٍ لَّمَّا كَذَّبُوا۟ ٱلرُّسُلَ أَغْرَقْنَـٰهُمْ وَجَعَلْنَـٰهُمْ لِلنَّاسِ ءَايَةً ۖ وَأَعْتَدْنَا لِلظَّـٰلِمِينَ عَذَابًا أَلِيمًا ﴿٣٧﴾

और नूह की क़ौम को भी, जब उन्होंने नूह अलैहिस्सलाम को झुठलाकर, सभी रसूलों को झुठलाने का कार्य किया, तो हमने उन्हें समुद्र में डुबाकर नाश कर दिया और उनके विनाश को इस बात की निशानी बना दिया कि हम ज़ालिमों को जड़ से उखाड़ फेंकने की पूरी शक्ति रखते हैं। तथा हमने इन अत्याचारियों के लिए क़ियामत के दिन दर्दनाक यातना तैयार कर रखी है।