तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِذَا رَأَوْكَ إِن يَتَّخِذُونَكَ إِلَّا هُزُوًا أَهَـٰذَا ٱلَّذِى بَعَثَ ٱللَّهُ رَسُولًا ﴿٤١﴾
और जब ये झुठलाने वाले (ऐ रसूल!) आपसे मिलते हैं, तो आपका उपहास करते हैं तथा ठट्ठा और इनकार के रूप में कहते हैं : क्या यही है, जिसे अल्लाह ने हमारी ओर रसूल बनाकर भेजा है?!