तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أَرَءَيْتَ مَنِ ٱتَّخَذَ إِلَـٰهَهُۥ هَوَىٰهُ أَفَأَنتَ تَكُونُ عَلَيْهِ وَكِيلًا ﴿٤٣﴾
क्या (ऐ रसूल!) आपने उस व्यक्ति को देखा, जिसने अपनी इच्छा को अपना पूज्य बना लिया और उसकी आज्ञा का पालन किया, तो क्या आप उसके संरक्षक होंगे कि उसे ईमान की ओर लौटा लें और उसे कुफ़्र से रोक दें?!