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الفرقانआयत 6

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قُلْ أَنزَلَهُ ٱلَّذِى يَعْلَمُ ٱلسِّرَّ فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ غَفُورًا رَّحِيمًا ﴿٦﴾

(ऐ रसूल!) इन झुठलाने वालों से कह दें : क़ुरआन को उस अल्लाह ने उतारा है, जो आकाशों और धरती की हर बात को जानता है। क़ुरआन गढ़ा हुआ नहीं है, जैसा कि तुमने दावा किया है। फिर उन्हें तौबा की प्रेरणा देते हुए कहा : अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदों को माफ़ करने वाला, उनपर दया करने वाला है।