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الشعراءआयत 107

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ ﴿١٠٧﴾

निःसंदेह मैं तुम्हारा रसूल हूँ, अल्लाह ने मुझे तुम्हारी ओर भेजा है। (मैं) अमानतदार हूँ, अल्लाह ने मेरी ओर जो वह़्य की है, उसमें कोई कमी-बेशी नहीं करता।