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الشعراءआयत 118

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَٱفْتَحْ بَيْنِى وَبَيْنَهُمْ فَتْحًا وَنَجِّنِى وَمَن مَّعِىَ مِنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿١١٨﴾

अतः मेरे और उनके बीच ऐसा फ़ैसला कर दे, जो उन्हें उनके असत्य पर अड़े रहने के कारण विनष्ट कर दे, तथा मुझे और मेरे साथ जो ईमान वाले हैं, उन्हें उससे बचा ले जिसके द्वारा तू मेरे समुदाय के काफ़िरों को नष्ट करने वाला है।