तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَهُمْ عَلَىَّ ذَنۢبٌ فَأَخَافُ أَن يَقْتُلُونِ ﴿١٤﴾
तथा मेरे एक क़िबती को मारने के कारण, उनका मेरे खिलाफ एक जुर्म का आरोप है। इसलिए मुझे डर है कि वे मुझे मार डालेंगे।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَهُمْ عَلَىَّ ذَنۢبٌ فَأَخَافُ أَن يَقْتُلُونِ ﴿١٤﴾