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الشعراء
आयत 149
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَتَنْحِتُونَ مِنَ ٱلْجِبَالِ بُيُوتًا فَـٰرِهِينَ ﴿١٤٩﴾
और तुम पर्वतों को काटकर रहने के लिए घर बनाते हो और तुम उनको तराशने में कुशल हो।
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