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الشعراءआयत 154

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

مَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُنَا فَأْتِ بِـَٔايَةٍ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ ﴿١٥٤﴾

तू केवल हमारे ही जैसा एक मनुष्य है। इसलिए तुझे हमारे ऊपर कोई विशेषता हासिल नहीं है कि तू रसूल बन सके। अतः यदि तुम अपने रसूल होने के दावे में सच्चे हो, तो कोई ऐसी निशानी ले आओ, जो प्रमाणित करे कि तुम रसूल हो।