×
الشعراءआयत 162

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ ﴿١٦٢﴾

निःसंदेह मैं तुम्हारा रसूल हूँ, अल्लाह ने मुझे तुम्हारी ओर भेजा है। (मैं) अल्लाह का संदेश पहुँचाने के कार्य में अमानतदार हूँ, उसमें कोई कमी-बेशी नहीं करता।