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الشعراءआयत 183

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَا تَبْخَسُوا۟ ٱلنَّاسَ أَشْيَآءَهُمْ وَلَا تَعْثَوْا۟ فِى ٱلْأَرْضِ مُفْسِدِينَ ﴿١٨٣﴾

लोगों को उनके अधिकार कम न दो और पाप करके धरती में बिगाड़ न बढ़ाओ।