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الشعراءआयत 187

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَأَسْقِطْ عَلَيْنَا كِسَفًا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ ﴿١٨٧﴾

यदि तू अपने दावे में सच्चा है, तो हमपर आसमान से कोई टुकड़ा गिरा दे।