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الشعراءआयत 195

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

بِلِسَانٍ عَرَبِىٍّ مُّبِينٍ ﴿١٩٥﴾

वह इसे शुद्ध एवं स्पष्ट अरबी भाषा में लेकर उतरे हैं।