तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أَوَلَمْ يَكُن لَّهُمْ ءَايَةً أَن يَعْلَمَهُۥ عُلَمَـٰٓؤُا۟ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ ﴿١٩٧﴾
क्या आपको झुठलाने वाले इन लोगों के लिए यह तथ्य आपकी सच्चाई की निशानी नहीं है कि आपपर उतरने वाली किताब की सच्चाई को बनी इसराईल के विद्वान जैसे अब्दुल्लाह बिन सलाम (भी) जानते हैं?