तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَآ أَغْنَىٰ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يُمَتَّعُونَ ﴿٢٠٧﴾
तो इस दुनिया में उनके पास जो नेमतें थी, उनके क्या काम आएँगी?! क्योंकि वे सारी नेमतें समाप्त हो गईं और कुछ लाभ न दे सकीं।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَآ أَغْنَىٰ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يُمَتَّعُونَ ﴿٢٠٧﴾