×
الشعراءआयत 223

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يُلْقُونَ ٱلسَّمْعَ وَأَكْثَرُهُمْ كَـٰذِبُونَ ﴿٢٢٣﴾

शैतान चोरी से फ़रिश्तों की बातें सुन लेते हैं, फिर अपने काहिन मित्रों तक उन्हें पहुँचा देते हैं। और अधिकांश काहिन झूठे होते हैं। यदि उनकी कोई एक बात सत्य होती है, तो उसके साथ सौ झूठ मिला देते हैं।