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الشعراء
आयत 54
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّ هَـٰٓؤُلَآءِ لَشِرْذِمَةٌ قَلِيلُونَ ﴿٥٤﴾
फ़िरऔन ने बनी इसराईल के महत्व को घटाने के लिए कहा : निःसंदेह ये लोग तो एक छोटा-सा समूह हैं।
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