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الشعراءआयत 64

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَأَزْلَفْنَا ثَمَّ ٱلْـَٔاخَرِينَ ﴿٦٤﴾

फिर हम फ़िरऔन तथा उसकी जाति को निकट ले आए, यहाँ तक कि वे समुद्र में प्रवेश कर गए, यह सोचकर कि रास्ता चलने योग्य है।