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الشعراءआयत 88

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يَوْمَ لَا يَنفَعُ مَالٌ وَلَا بَنُونَ ﴿٨٨﴾

जिस दिन न माल काम आएगा, जिसे इनसान ने संसार में एकत्र किया होगा और न संतान जिनकी मदद वह दुनिया में लिया करता था।