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الشعراء
आयत 97
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
تَٱللَّهِ إِن كُنَّا لَفِى ضَلَـٰلٍ مُّبِينٍ ﴿٩٧﴾
अल्लाह की क़सम! निश्चय हम स्पष्ट रूप से सत्य से भटक गए थे।
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