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النملआयत 49

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالُوا۟ تَقَاسَمُوا۟ بِٱللَّهِ لَنُبَيِّتَنَّهُۥ وَأَهْلَهُۥ ثُمَّ لَنَقُولَنَّ لِوَلِيِّهِۦ مَا شَهِدْنَا مَهْلِكَ أَهْلِهِۦ وَإِنَّا لَصَـٰدِقُونَ ﴿٤٩﴾

उन्होंने एक-दूसरे से कहा : हममें से प्रत्येक व्यक्ति अल्लाह की क़सम खाए कि हम अवश्य ही रात में उसके घर पर हमला करेंगे, फिर हम अवश्य ही उसे और उसके परिवार को क़त्ल कर देंगे। फिर हम अवश्य ही उसके खून के उत्तराधिकारी से कह देंगे : हम सालेह और उसके परिवार की हत्या के समय उपस्थित नहीं थे और हमने जो कहा, उसमें हम बिलकुल सच्चे हैं।