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النملआयत 75

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمَا مِنْ غَآئِبَةٍ فِى ٱلسَّمَآءِ وَٱلْأَرْضِ إِلَّا فِى كِتَـٰبٍ مُّبِينٍ ﴿٧٥﴾

जो भी वस्तु आकाश में लोगों से ओझल है, या धरती में लोगों से ओझल है, वह एक स्पष्ट किताब अर्थात् लौह़े-महफ़ूज़ में लिखित रूप से मौजूद है।