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القصصआयत 40

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَأَخَذْنَـٰهُ وَجُنُودَهُۥ فَنَبَذْنَـٰهُمْ فِى ٱلْيَمِّ ۖ فَٱنظُرْ كَيْفَ كَانَ عَـٰقِبَةُ ٱلظَّـٰلِمِينَ ﴿٤٠﴾

तो हमने उसको और उसके सैनिकों को पकड़ लिया और उन्हें समुद्र में डूबने के लिए फेंक दिया, यहाँ तक कि वे सभी नष्ट हो गए। अतः (ऐ रसूल!) आप ग़ौर करें कि अत्याचारियों का परिणाम और उनका अंत कैसा था। निश्चय उनका परिणाम और अंत विनाश था।