तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَا كُنتَ تَرْجُوٓا۟ أَن يُلْقَىٰٓ إِلَيْكَ ٱلْكِتَـٰبُ إِلَّا رَحْمَةً مِّن رَّبِّكَ ۖ فَلَا تَكُونَنَّ ظَهِيرًا لِّلْكَـٰفِرِينَ ﴿٨٦﴾
और (ऐ रसूल!) आप (नुबुव्वत से पहले) यह आशा नहीं रखते थे कि आपकी ओर क़ुरआन की वह़्य की जाएगी, किंतु अल्लाह की दया के कारण उसे आपपर उतारा गया। अतः काफ़िर जिस गुमराही में पड़े हुए हैं, उसमें आप उनके सहायक न बनें।