तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَيَحْمِلُنَّ أَثْقَالَهُمْ وَأَثْقَالًا مَّعَ أَثْقَالِهِمْ ۖ وَلَيُسْـَٔلُنَّ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ عَمَّا كَانُوا۟ يَفْتَرُونَ ﴿١٣﴾
निश्चय अपने झूठ की ओर बुलाने वाले ये मुश्रिक अपने किए हुए पापों का बोझ ज़रूर उठाएँगे तथा निश्चय उन लोगों के पापों का भी बोझ अवश्य उठाएँगे जिन्होंने उनके आह्वान का पालन किया, जबकि उनका पालन करने वालों के पापों में कोई कमी नहीं की जाएगी। तथा निश्चय क़ियामत के दिन उनसे उन झूठी बातों के बारे में ज़रूर पूछा जाएगा, जो वे दुनिया में गढ़ा करते थे।