तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَكَذَّبُوهُ فَأَخَذَتْهُمُ ٱلرَّجْفَةُ فَأَصْبَحُوا۟ فِى دَارِهِمْ جَـٰثِمِينَ ﴿٣٧﴾
लेकिन उनके समुदाय ने उनको झुठला दिया। अंततः भूकंप ने उनको आ लिया और वे अपने घरों में अपने मुँह के बल ऐसे गिरकर पड़े रह गए कि उनके मुख मिट्टी से चिपके हुए थे, वे हिल नहीं सकते थे।