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العنكبوتआयत 55

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يَوْمَ يَغْشَىٰهُمُ ٱلْعَذَابُ مِن فَوْقِهِمْ وَمِن تَحْتِ أَرْجُلِهِمْ وَيَقُولُ ذُوقُوا۟ مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴿٥٥﴾

जिस दिन यातना उन्हें उनके ऊपर से ढाँप लेगी और उनके पैरों के नीचे उनके लिए बिस्तर बन जाएगी, और अल्लाह उन्हें फटकारते हुए कहेगा : तुम जो शिर्क और पाप किया करते थे, उसका प्रतिफल चखो।