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آل عمرانआयत 100

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓا۟ إِن تُطِيعُوا۟ فَرِيقًا مِّنَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَـٰبَ يَرُدُّوكُم بَعْدَ إِيمَـٰنِكُمْ كَـٰفِرِينَ ﴿١٠٠﴾

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! यदि तुम किताब वाले यहूदियों और ईसाइयों के किसी समूह का उनकी बातों में पालन करोगे और उनकी राय को स्वीकार करोगे जो वे दावा करते हैं; तो वे अपनी ईर्ष्या और मार्गदर्शन से पथभ्रष्टता के कारण, तुम्हें ईमान (विश्वास) के बाद कुफ़्र (अविश्वास) की ओर लौटा देंगे।