तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تَأْكُلُوا۟ ٱلرِّبَوٰٓا۟ أَضْعَـٰفًا مُّضَـٰعَفَةً ۖ وَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ ﴿١٣٠﴾
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! अपने मूल धन जो तुमने उधार दिए थे, उस पर कई गुणा बढ़ाकर ब्याज लेने से बचो, जैसा कि जाहिलियत (अज्ञानता) काल के लोग किया करते थे। और अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से बचकर उससे डरो, ताकि तुम दुनिया और आख़िरत की जो भलाई चाहते हो, उसे प्राप्त कर सको।