तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَا تَهِنُوا۟ وَلَا تَحْزَنُوا۟ وَأَنتُمُ ٱلْأَعْلَوْنَ إِن كُنتُم مُّؤْمِنِينَ ﴿١٣٩﴾
(ऐ ईमान वालो) तुम कमज़ोर न पड़ो और न ही उहुद के दिन पहुँचने वाली तक्लीफ पर शोक करो, और न ही तुम्हारे लिए ऐसा करना उचित है। क्योंकि अपने ईमान के कारण तुम ही सर्वोच्च हो, तथा अल्लाह की सहायता और उसकी मदद की आशा रखने के कारण तुम ही बुलंद हो, यदि तुम अल्लाह और उसके अपने सदाचारी बंदों से किए हुए वादे पर विश्वास रखने वाले हो।