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آل عمرانआयत 192

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

رَبَّنَآ إِنَّكَ مَن تُدْخِلِ ٱلنَّارَ فَقَدْ أَخْزَيْتَهُۥ ۖ وَمَا لِلظَّـٰلِمِينَ مِنْ أَنصَارٍ ﴿١٩٢﴾

(ऐ हमारे पालनहार) तूने अपनी सृष्टि में से जिसे जहन्नम में डाल दिया, तो वास्तव में उसे तूने अपमानित किया। और क़यामत के दिन अत्याचारियों का कोई सहायक न होगा, जो उनसे अल्लाह के अज़ाब और उसकी सज़ा को टाल सके।