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آل عمرانआयत 2

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

ٱللَّهُ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلْحَىُّ ٱلْقَيُّومُ ﴿٢﴾

अल्लाह वह है जिस अकेले के सिवा कोई भी वास्तविक रूप से इबादत के लायक़ नहीं है। वह जीवित है, एक पूर्ण जीवन वाला है जिसमें कोई मृत्यु या कमी नहीं है। हर चीज़ को सँभालने वाला है, जो स्वयं क़ायम है, अतः वह अपनी सारी सृष्टि से बेनियाज़ है। जबकि सभी प्राणी उसी के द्वारा क़ायम हैं, इसलिए वे अपनी सभी स्थितियों में उससे बेनियाज़ नहीं हो सकते।