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آل عمرانआयत 200

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱصْبِرُوا۟ وَصَابِرُوا۟ وَرَابِطُوا۟ وَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ ﴿٢٠٠﴾

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! तुम शरीयत के आदेशों की पाबंदी करने पर तथा अपने ऊपर आनेवाली दुनिया की आपदाओं पर धैर्य से काम लो, तथा धैर्य के मामले में काफिरों से आगे रहो, चुनाँचे वे तुमसे अधिक धैर्य रखने वाले न होने पाएँ, और अल्लाह के रास्ते में जिहाद पर डटे रहो, और अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर उससे डरते रहो, ताकि तुम्हें आग से मुक्ति और जन्नत में प्रवेश के द्वारा अपना उद्देश्य प्राप्त हो जाए।