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آل عمرانआयत 46

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَيُكَلِّمُ ٱلنَّاسَ فِى ٱلْمَهْدِ وَكَهْلًا وَمِنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ ﴿٤٦﴾

वह बात करने की आयु से पहले, शैशवावस्था ही में लोगों से बात करेगा और उस समय भी बात करेगा जब वह बड़ा हो जाएगा, उसकी शक्ति और उसका पुरुषत्व परिपूर्ण हो जाएगा। वह उन्हें ऐसी बातों के साथ संबोधित करेगा जिनमें उनके धार्मिक और सांसारिक मामलों की भलाई होगी। तथा वह अपने कथनों एवं कार्यों में सदाचारी लोगों में से होगा।