तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَن يَبْتَغِ غَيْرَ ٱلْإِسْلَـٰمِ دِينًا فَلَن يُقْبَلَ مِنْهُ وَهُوَ فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ مِنَ ٱلْخَـٰسِرِينَ ﴿٨٥﴾
और जो कोई उस धर्म के अलावा कोई अन्य धर्म तलाश करे, जिसे अल्लाह ने पसंद किया है और वह इस्लाम धर्म है; तो अल्लाह उससे उसे कदापि स्वीकार नहीं करेगा, और वह आख़िरत में आग में प्रवेश करके अपना ही घाटा करने वालों में से होगा।