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الرومआयत 26

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَهُۥ مَن فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۖ كُلٌّ لَّهُۥ قَـٰنِتُونَ ﴿٢٦﴾

जो कोई भी आकाशों में है, सब अकेले उसी का है और जो कोई भी धरती में है, सब उसी का है, वही सबका मालिक, पैदा करने वाला और भाग्य-विधाता है। आकाशों और धरती की उसकी पैदा की हुई सारी चीज़ें उसकी आज्ञा के अधीन और उसके आदेश के प्रति समर्पित हैं।