तफ़सीर अल-मुख़्तसर
ٱللَّهُ ٱلَّذِى خَلَقَكُمْ ثُمَّ رَزَقَكُمْ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ ثُمَّ يُحْيِيكُمْ ۖ هَلْ مِن شُرَكَآئِكُم مَّن يَفْعَلُ مِن ذَٰلِكُم مِّن شَىْءٍ ۚ سُبْحَـٰنَهُۥ وَتَعَـٰلَىٰ عَمَّا يُشْرِكُونَ ﴿٤٠﴾
केवल अल्लाह ही वह हस्ती है, जो तुम्हें पैदा करने, फिर तुम्हें रोज़ी देने, फिर तुम्हें मारने, फिर तुम्हें क़ियामत के दिन के लिए जीवित करने में अकेला है। क्या तुम्हारी उन मूर्तियाँ में से, जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो, कोई ऐसा है, जो इनमें से कोई काम कर सके?! अल्लाह की हस्ती उससे बहुत पवित्र और सर्वोच्च है, जो मुश्रिक लोग कहते और विश्वास रखते हैं।