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الرومआयत 6

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَعْدَ ٱللَّهِ ۖ لَا يُخْلِفُ ٱللَّهُ وَعْدَهُۥ وَلَـٰكِنَّ أَكْثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ ﴿٦﴾

यह सहायता (जीत) सर्वशक्तिमान अल्लाह की ओर से एक वादा था। अल्लाह अपना वादा नहीं तोड़ता है, और इसके पूरा होने से ईमान वालों का अल्लाह की सहायता के वादे पर विश्वास बढ़ जाता है। लेकिन अधिकतर लोग अपने कुफ़्र (अविश्वास) के कारण इसे नहीं समझते हैं।