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الأحزابआयत 14

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَوْ دُخِلَتْ عَلَيْهِم مِّنْ أَقْطَارِهَا ثُمَّ سُئِلُوا۟ ٱلْفِتْنَةَ لَـَٔاتَوْهَا وَمَا تَلَبَّثُوا۟ بِهَآ إِلَّا يَسِيرًا ﴿١٤﴾

और अगर दुश्मन उनपर मदीना में उसकी सभी दिशाओं से प्रवेश कर जाता, और उनसे अल्लाह का इनकार करने और उसके साथ साझी ठहराने की ओर लौटने के लिए कहता, तो निश्चय वे अपने दुश्मन की यह बात मान लेते, और वे इस्लाम धर्म त्यागने और कुफ़्र की ओर पलटने में केवल थोड़ी ही देर संकोच करते।