तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِن كُنتُنَّ تُرِدْنَ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ وَٱلدَّارَ ٱلْـَٔاخِرَةَ فَإِنَّ ٱللَّهَ أَعَدَّ لِلْمُحْسِنَـٰتِ مِنكُنَّ أَجْرًا عَظِيمًا ﴿٢٩﴾
और अगर तुम अल्लाह की प्रसन्नता और उसके रसूल की प्रसन्नता चाहती हो, और आखिरत के घर में जन्नत चाहती हो, तो अपनी हालत पर सब्र करो। क्योंकि तुममें से जो सब्र और अच्छे रहन-सहन के साथ जीवन यापन करेगी, उसके लिए अल्लाह ने बहुत बड़ा बदला तैयार कर रखा है।