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الأحزابआयत 57

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّ ٱلَّذِينَ يُؤْذُونَ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ لَعَنَهُمُ ٱللَّهُ فِى ٱلدُّنْيَا وَٱلْـَٔاخِرَةِ وَأَعَدَّ لَهُمْ عَذَابًا مُّهِينًا ﴿٥٧﴾

निःसंदेह जो लोग अल्लाह और उसके रसूल को अपने शब्द या कर्म से कष्ट पहुँचाते हैं, अल्लाह ने उन्हें लोक एवं परलोक में अपनी दया की विशालता से निष्कासित कर दिया है और उनके अपने रसूल को कष्ट पहुँचाने की सज़ा के तौर पर आख़िरत में उनके लिए अपमानजनक यातना तैयार कर रखी है।