तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱذْكُرُوا۟ نِعْمَةَ ٱللَّهِ عَلَيْكُمْ إِذْ جَآءَتْكُمْ جُنُودٌ فَأَرْسَلْنَا عَلَيْهِمْ رِيحًا وَجُنُودًا لَّمْ تَرَوْهَا ۚ وَكَانَ ٱللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرًا ﴿٩﴾
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने वालो और उसकी शरीयत का पालन करने वालो! तुम अपने ऊपर अल्लाह के उस उपकार को याद करो, जब काफ़िरों की सेनाएँ तुमसे लड़ने के लिए जत्थाबंद होकर मदीना पर चढ़ आईं, तथा मुनाफ़िक़ों एवं यहूदियों ने उनका समर्थन किया। तो हमने उनपर पूर्वी हवा भेज दी, जिसके द्वारा अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मदद की गई, तथा हमने फ़रिश्तों की सेनाएँ भेजीं, जिन्हें तुमने नहीं देखा। अतः काफ़िर भाग खड़े हुए, वे कुछ भी करने में सक्षम नहीं थे। और जो कुछ तुम कर रहे थे, अल्लाह उसे खूब देखने वाला था, उसमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है। और वह तुम्हें तुम्हारे कर्मों का बदला देगा।