तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قُلْ جَآءَ ٱلْحَقُّ وَمَا يُبْدِئُ ٱلْبَـٰطِلُ وَمَا يُعِيدُ ﴿٤٩﴾
(ऐ रसूल) आप इन झुठलाने वाले मुश्रिकों से कह दें : सत्य अर्थात इस्लाम आ गया और असत्य (झूठ) जिसका कोई प्रभाव या शक्ति दिखाई नहीं देती, वह मिट गया और वह कभी अपने प्रभाव में वापस नहीं आएगा।