तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِلَّا مَنْ خَطِفَ ٱلْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُۥ شِهَابٌ ثَاقِبٌ ﴿١٠﴾
परंतु यह कि कोई शैतान अचानक किसी बात को उचक ले जाए। जो कि वह बात होती है, जिसके विषय में फ़रिश्ते आपस में बातचीत करते हैं और उनके बीच उसकी चर्चा होती है और उसकी जानकारी धरती के लोगों तक नहीं पहुँची होती है। तो ऐसी स्थिति में एक उज्ज्वल उल्का उसका पीछा करता है और उसे जला देता है। कभी तो वह शैतान उल्का के द्वारा जलाए जाने से पहले उस बात को अपने भाइयों तक पहुँचा देता है। फिर वह बात काहिनों तक पहुँच जाती है, जो उसमें सौ झूठ मिला देते हैं।