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الصافات
आयत 135
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِلَّا عَجُوزًا فِى ٱلْغَـٰبِرِينَ ﴿١٣٥﴾
सिवाय उनकी पत्नी के। क्योंकि वह भी अपनी जाति पर आने वाली यातना की चपेट में आ गई। इसलिए कि वह भी उन्हीं की तरह काफ़िर थी।
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