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الصافاتआयत 165

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَإِنَّا لَنَحْنُ ٱلصَّآفُّونَ ﴿١٦٥﴾

तथा निःसंदेह हम - फ़रिश्ते - अल्लाह की इबादत और उसके आज्ञापालन में पंक्तियों में खड़े रहते हैं। और निश्चय हम अल्लाह को उन विशेषताओं और गुणों से पवित्र ठहराते हैं, जो उसकी महिमा के योग्य नहीं हैं।