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الصافاتआयत 49

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

كَأَنَّهُنَّ بَيْضٌ مَّكْنُونٌ ﴿٤٩﴾

मानो वे पीलापन लिए हुए अपने रंगों की सफेदी में पक्षी का संरक्षित अंडा हों, जिसे हाथों ने न छुआ हो।